उत्तर और मध्य भारत के मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव होने वाला है। चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ और सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण आने वाले दिनों में देश के कई राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, पहले से ही जारी कड़ाके की ठंड के बीच अब बारिश लोगों की मुश्किलें और बढ़ा सकती है।
तूफान ‘मोंथा’ का कब दिखेगा असर?
मौसम विभाग के ताजा अनुमान के मुताबिक, चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ 28 जनवरी से अपना असर दिखाना शुरू कर सकता है। इस तूफान के प्रभाव से निम्नलिखित क्षेत्रों में मौसम बिगड़ने की प्रबल संभावना है:
- उत्तर भारत: मैदानी इलाकों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है।
- मध्य भारत: तेज हवाओं के साथ बारिश होने के आसार हैं।
- उत्तर प्रदेश: अगले 48 घंटों के दौरान कोहरे में कुछ कमी आ सकती है, लेकिन 22 जनवरी से मौसम का मिजाज फिर बदल जाएगा।
दिल्ली और आसपास के इलाकों में अलर्ट
राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में घने कोहरे के साथ भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। कोहरे के कारण रेल और सड़क यातायात पहले से ही प्रभावित है। मौसम विभाग का मानना है कि 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) के बाद ही अच्छी धूप खिलेगी, जिससे लोगों को ठंड से वास्तविक राहत मिलने की उम्मीद है।
फरवरी और मार्च में भी जारी रहेगी ठिठुरन
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, यह ठंड अभी पूरी तरह खत्म होने वाली नहीं है। पश्चिमी विक्षोभ के कारण हवा में नमी (आर्द्रता) बढ़ेगी, जिससे ठिठुरन वाली ठंड फरवरी और मार्च के महीने में भी रुक-रुक कर अपना असर दिखा सकती है।
किसानों के लिए विशेष सावधानी के निर्देश
भारी बारिश और तूफान की संभावना को देखते हुए किसानों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है:
- फसल सुरक्षा: कटी हुई या तैयार फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखें।
- सिंचाई: बारिश की संभावना को देखते हुए फिलहाल खेतों में सिंचाई का काम रोक दें।
- कीटनाशक: तेज हवा और बारिश के दौरान कीटनाशकों का छिड़काव न करें, क्योंकि यह धुल सकता है।
निष्कर्ष
मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए सभी नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी जाती है। चक्रवात और पश्चिमी विक्षोभ का यह दोहरा प्रभाव सामान्य जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर सकता है। सुरक्षित रहें और मौसम विभाग द्वारा समय-समय पर जारी की जाने वाली आधिकारिक सूचनाओं पर नजर बनाए रखें।