सावधान! तूफान नया आ रहा है नया; इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, नई लिस्ट देखें DA Hike Salary

DA Hike Salary 2026: उत्तर और मध्य भारत में कड़ाके की ठंड के बीच अब मौसम का एक और रौद्र रूप देखने को मिलने वाला है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ और एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण आने वाले दिनों में देश के कई राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं।

चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ का प्रभाव

मौसम विभाग के ताजा अनुमान के मुताबिक, चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ 28 जनवरी से अपना असर दिखाना शुरू कर सकता है। इस तूफान के प्रभाव से उत्तर भारत के मैदानी इलाकों और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। यह बारिश पहले से ही जारी कड़ाके की ठंड की मुश्किलों को और बढ़ा देगी।

प्रमुख राज्यों में मौसम का मिजाज

  • उत्तर प्रदेश (UP): अगले 48 घंटों में कोहरे में कुछ कमी आ सकती है, लेकिन 22 जनवरी से मौसम पूरी तरह बदल जाएगा। बादलों की आवाजाही के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं, जिससे ठिठुरन बढ़ सकती है।
  • दिल्ली-एनसीआर: राजधानी और आसपास के इलाकों में घने कोहरे के साथ भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। कोहरे के कारण रेल और सड़क यातायात पहले से ही प्रभावित है। मौसम विभाग का मानना है कि 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) के बाद ही अच्छी धूप खिलेगी, जिससे लोगों को वास्तविक राहत मिलेगी।

फरवरी और मार्च तक रहेगा ठंड का असर

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, यह ठंड अभी पूरी तरह खत्म होने वाली नहीं है। पश्चिमी विक्षोभ के कारण हवा में नमी (आर्द्रता) बढ़ेगी, जिससे ठिठुरन वाली ठंड फरवरी और मार्च के महीने में भी रुक-रुक कर अपना असर दिखा सकती है।

किसानों के लिए विशेष सावधानी (Advisory for Farmers)

भारी बारिश और तूफान की संभावना को देखते हुए किसानों को ये 3 मुख्य कदम उठाने चाहिए:

  1. जल निकासी: अपने खेतों में पानी जमा न होने दें और जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखें।
  2. फसल सुरक्षा: कटी हुई फसलों को सुरक्षित और ढके हुए स्थानों पर रखें।
  3. सब्जी बुवाई: फरवरी में भिंडी, लौकी, कद्दू और करेला जैसी सब्जियों की बुवाई की जा सकती है, लेकिन बुवाई से पहले ताजा मौसम पूर्वानुमान जरूर देखें।

निष्कर्ष

मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए सभी नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी जाती है। चक्रवात और पश्चिमी विक्षोभ का यह दोहरा प्रभाव सामान्य जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर सकता है। सुरक्षित रहें और मौसम विभाग की आधिकारिक सूचनाओं पर नजर बनाए रखें।

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