Weather Alert 2026: उत्तर और मध्य भारत में कड़ाके की ठंड के बीच अब प्रकृति का एक और रौद्र रूप देखने को मिलने वाला है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने एक नई चेतावनी जारी की है। चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के मिलन से आने वाले दिनों में कई राज्यों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो सकता है।
चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ का प्रभाव और तारीख
मौसम विभाग (IMD) के ताजा अनुमान के मुताबिक, चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ 28 जनवरी 2026 से अपना असर दिखाना शुरू कर देगा। इसके प्रभाव से उत्तर भारत के मैदानी इलाकों और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। यह बारिश पहले से ही जारी शीतलहर और कड़ाके की ठंड की मुश्किलों को दोगुना कर देगी।
पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और ठिठुरन
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, यह ठंड अभी पूरी तरह खत्म होने वाली नहीं है। पश्चिमी विक्षोभ के कारण हवा में नमी (आर्द्रता) बढ़ेगी, जिससे ठिठुरन वाली ठंड फरवरी और मार्च के महीने में भी रुक-रुक कर अपना असर दिखाती रहेगी। गलन और नमी के कारण फसलों और स्वास्थ्य पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है।
इन राज्यों में दिखेगा सबसे ज्यादा असर (Alert List)
मौसम विभाग ने निम्नलिखित क्षेत्रों के लिए विशेष अलर्ट जारी किया है:
- उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर: घने कोहरे के साथ भारी बारिश और ओलावृष्टि की संभावना।
- मध्य प्रदेश और राजस्थान: तेज हवाओं के साथ मध्यम वर्षा।
- पंजाब और हरियाणा: शीतलहर के साथ बारिश का दोहरा प्रहार।
किसानों के लिए विशेष सलाह (Advisory for Farmers)
भारी बारिश और तूफान की संभावना को देखते हुए किसानों को ये उपाय तुरंत करने चाहिए:
- जल निकासी: खेतों में पानी जमा न होने दें और जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखें।
- फसल सुरक्षा: कटी हुई या तैयार फसलों को सुरक्षित स्थानों पर ढक कर रखें।
- सब्जी की बुवाई: फरवरी में भिंडी, लौकी, कद्दू की बुवाई करने वाले किसान मौसम साफ होने तक इंतजार करें।
निष्कर्ष
मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए सभी नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी जाती है। चक्रवात और पश्चिमी विक्षोभ का यह दोहरा प्रभाव रेल, सड़क और हवाई यातायात को भी प्रभावित कर सकता है। सुरक्षित रहें और मौसम विभाग द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर नजर बनाए रखें।